
नई दिल्ली: भाजपा के समर्थन के वादे से केंद्र सरकार को राज्यसभा में आज लोकपाल विधेयक के संशोधित रूप में पारित होने की उम्मीद है जबकि अन्ना हजारे और आप नेता अरविंद केजरीवाल के बीच इसे लेकर गतिरोध बरकरार है। लोकपाल विधेयक को भाजपा के समर्थन को देखते हुए कांग्रेस ने उम्मीद जताई कि संप्रग का बाहर से समर्थन कर रही समाजवादी पार्टी इसके खिलाफ अपने विरोध पर पुनर्विचार करेगी।
सपा ने चेतावनी दी कि विधेयक पर रोक लगाने के लिए वह सोमवार को संसद में ‘‘किसी भी हद’’ तक जा सकती है। केंद्र जहां राज्यसभा में विधेयक के पारित होने को लेकर तैयार है वहीं केजरीवाल ने इसे ‘‘कमजोर’’, अप्रभावी और अपर्याप्त बताकर खारिज कर दिया। केजरीवाल ने कहा कि इस लोकपाल में किसी मंत्री को तो भूल जाइए ‘‘चूहे’’ को भी जेल नहीं भेजा जा सकेगा। हजारे ने अपने पूर्व सहयोगी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर किसी को लगता है कि विधेयक में कोई कमी है तो इसके पारित होने के बाद उसे अनशन करना चाहिए।
कार्मिक राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने रविवार को चेन्नई हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘विधेयक के सोमवार राज्यसभा में पारित होने की संभावनाएं ज्यादा हैं।’’ राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी बिना बहस कराए ही लोकपाल को संसद में समर्थन देने को तैयार है। उन्होंने आरोप लगाए कि कांग्रेस और इसके सहयोगी विधेयक को पारित कराने में बाधा बने हुए हैं।
